Support and Resistance kya hota hai indicator se level kaise nikale Hindi

Support and Resistance Kya Hota Hai दोस्तों आप इंडियन शेयर मार्केट और फॉरेक्स शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करना चाहते हैं | चाहे आप Swing trading स्विंग ट्रेडिंग करना चाहते हैं या फिर Intraday trading इंट्राडे ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले सपोर्ट (Support) और रेजिडेंस (Resistance) को जानना बहुत जरूरी है आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि आप किसी भी स्टॉक या किसी भी मार्केट या किसी भी इंडेक्स का रेजिडेंस और सपोर्ट कैसे पता कर सकते हैं ताकि आपको Buy और Sell करने में आसानी हो जाए |

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दूं रेजिडेंस को सप्लाई जॉन भी कहा जाता है और सपोर्ट को डिमांड जॉन भी कहा जाता है तो आपके यहां पर कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है आप सिर्फ इसे सपोर्ट और रेजिडेंस से ही समझे |

दोस्तों जब मार्केट एक ही जगह से दो बार वापस चली जाती है आपको उस जगह को Mark करना है चार्ट के अंदर वही आपका सपोर्ट जॉन हो जाएगा इसके साथ ही एक से दो बार मार्केट ऊपर किसी जगह से वापस नीचे आती है आपको उस पॉइंट को मार्क करना है वह आपका रेजिडेंस हो जाएगा चलिए इसके बारे में पूरी डिटेल से समझते हैं कि आप किसी भी मार्केट के चार्ट में उसका सपोर्ट और रेजिडेंस किस प्रकार पता लगाएंगे इस पोस्ट को पूरा पढोगे तो आपको दोबारा सपोर्ट और रेजिडेंस के बारे में जानने की इच्छा नहीं होगी आपको पूरा ज्ञान मिल जाएगा |

support and resistance lavel

Support and Resistance Kya Hota Hai

दोस्तों अगर आप सपोर्ट और रेजिडेंस को अच्छे से जान लेते हैं तो आप ट्रेडिंग के लिए Entry और Exit आसानी से बना सकते हैं अगर आप किसी भी स्टॉक के शेयर के प्राइस का सपोर्ट और रेजिडेंस चार्ट में ड्रॉ कर लेते हैं तो उसके बाद बहुत ही आसानी से आपको पता लग जाएगा कि वह शेयर कब ऊपर जाएगा और कब नीचे आएगा सपोर्ट और रेजिडेंस से हमें शेयर मार्केट में एंट्री लेने में बहुत ही आसानी हो जाती है |

मार्केट में हर कोई Trader सपोर्ट और रेजिडेंस पर ही ट्रेड करता है अगर आसान भाषा में आपको बताऊं जिस लेवल पर स्टॉक, शेयर, index में ज्यादा Buy (खरीदारी) होती है उसे हम सपोर्ट कहते हैं और जिस लेवल पर शेयर, स्टॉक में ज्यादा Sell (बेचा जाता है) होता है उसे हम रेजिडेंस कहते हैं | Trend Line Pattern

Support level

हिंदी भाषा में सपोर्ट का मतलब समझे तो Spport यह शेयर के प्राइस को नीचे जाने से रोकता है Price एक ऐसे लेवल पर आकर बार-बार प्राइस रुकता है जिस लेवल से प्राइस नीचे नहीं जा पता है उसे हम Spport Leavel सपोर्ट लेवल कहते हैं |

शेयर मार्केट में खरीदारी और बिक्री करते समय यह लेवल अपने आप बन जाते हैं जब शेयर मार्केट का कोई भी स्टॉक कोई भी कंपनी का शेयर अपनी करंट Price (current market price) से नीचे गिरता है और उसका Price कम होता है और उस स्टॉक का शेयर प्राइस एक ऐसे लेवल पर आ जाता है जहां पर हर कोई Trader बड़े-बड़े निवेश है शेयर की कीमत पर आकर्षित होते हैं और उसे Buy खरीदना शुरू कर देते हैं |

support level on chart

जैसे ही उसे stocks के शेयर को खरीदा जाएगा तो उसकी शेयर वैल्यू बढ़ने लगेगी इसे हम डिमांड के आधार से समझेंगे जैसे-जैसे उसे शेयर की डिमांड बढ़ेगी हर कोई उसे खरीदेगा तो वह शेयर ऊपर की तरफ भागने लगेगा उसका प्राइस बढ़ने लगेगा |

जैसे ही उसका प्राइस पूरा ऊपर तक चल जाएगा तब जिन बंदों ने उस शेयर को खरीदा था अब वह प्रॉफिट बुकिंग करेंगे और वहां पर जाकर उस शेयर को बेच (Sell) कर देंगे जिसकी वजह से उसे शेयर की कीमत फिर से दोबारा नीचे आने लगेगी अब शेयर की कीमत पहले वाले लेवल तक नीचे आएगी तो फिर से trader और बड़े निवेशक उसे शेयर को खरीदना शुरू कर देंगे फिर से उसे शेयर की प्राइस ऊपर की तरफ जाएगी और 

ठीक उसी लेवल पर जाकर सभी trader उस शेयर को फिर से बेच देंगे बेचने के बाद शेयर की प्राइस फिर से नीचे गिरने लगेगी जहां पर सभी ने खरीदा था वहीं पर दोबारा से उसे शेयर की प्राइस आ जाएगी अब यहां पर आने के बाद फिर से दोबारा उसे स्टॉक शेयर को खरीदा जाएगा और जहां से पहले दो बार बेचा गया है ठीक उसी लेवल पर जाकर उसे शेयर को बेचा जाएगा अब यह दो लेवल बन जाएंगे जहां पर शेर को बार-बार खरीदा गया है हमारा सपोर्टजॉन (Demand zone) है उसे हम Support सपोर्ट के नाम से जानेंगे |

किसी भी शेयर या स्टॉक के सपोर्ट लाइन पर बेचने वालों से ज्यादा खरीदने वाले होते हैं इस वजह से शेयर की मार्केट प्राइस बढ़ती है |

Resistance level

आपको आसान हिंदी भाषा में समझाऊं तो रेजिडेंस का मतलब यह होता है कि Resistance यह शेयर के प्राइस को ऊपर जाने से रोकता है जिस लेवल पर शेर का प्राइस बार-बार ऊपर जाने के बाद रुक जाता है और उससे ऊपर नहीं जा पता है उसे हम Resistance level रेजिडेंस लेवल बोलते हैं |

रेजिडेंस लेवल उसे कहते हैं जहां पर स्टॉक या शेयर को बार-बार बेचा गया हो जैसा कि दोस्तों मैंने आपको ऊपर बताया कि एक लेवल पर आकर शेयर को बार-बार खरीदा जा रहा है अब जिन्होंने उस शेयर को खरीदा है वह एक ऐसे लेवल पर जाकर अपनी प्रॉफिट बुकिंग करते हैं यानी कि उस शेयर को बार-बार sell बेच देते हैं जहां पर शेयर को बार-बार बेचा जाएगा वहां पर एक लेवल बन जाएगा उस लेवल को हम Resistance रेजिडेंस लेवल कहेंगे इसके साथ ही इसे हम सप्लाई जॉन (Supply zone) भी कह सकते हैं |

किसी भी शेयर या स्टॉक के रेजिडेंस लाइन पर खरीदने वालों से ज्यादा बेचने वाले होते हैं इसलिए उस शेयर या स्टॉक की मार्केट प्राइस घटती है |

Resistance level on chart

Support Levels कितने प्रकार के होते हैं

आपको ट्रेडिंग में सक्सेस होना है और एक अच्छा प्रॉफिट करना है तो आपको यह जानना बहुत जरूरी है दोस्तों सपोर्ट लेवल भी दो प्रकार के होते हैं |

  1. Minor Support Levels
  2. Major Support Levels

अब जानते हैं दोस्तों इन दोनों लेवल में क्या-क्या डिफरेंस होता है और हमें कौन सेसपोर्ट लेवल को ट्रेड करना चाहिए |

Minor Support Levels: जब किसी भी शेयर या स्टॉक की प्राइस एक support लेवल पर आकर एक बार ऊपर चली जाती है तो उसे हम माइनर सपोर्ट लेवल कहते हैं | माइनर सपोर्ट लेवल आसानी से ब्रेक हो सकता है |

Major Support Levels: जब किसी भी शेयर या स्टॉक की प्राइस एक सपोर्ट लेवल पर आकर बार-बार ऊपर चली जाती है तो उसे हम मेजर स्पॉट लेवल कहते हैं | मेजर स्पॉट लेवल आसानी से ब्रेक नहीं हो सकता |

Minor and Major Support Levels on chart

ठीक इसी प्रकार से रेजिडेंस लेवल भी दो प्रकार के होते हैं एक माइनर रेजिडेंस लेवल और एक मेजर रेजोनेंस लेवल यह भी ठीक उसी प्रकार से काम करते हैं जैसे मैं आपके ऊपर सपोर्ट लेवल के बारे में बताया है |

Support and Resistance level kaise nikale

Live Market Me Support and Resistance level kaise nikale चलती हुई मार्केट में सपोर्ट और रेजिडेंस लेवल निकालना बहुत ही आसान है इसके लिए आपको मार्केट का चार्ट ओपन कर लेना है और उसमें 1 घंटे का टाइम फ्रेम लगा लेना है यानी कि एक कैंडल 1 घंटे की बनी चाहिए अब आपको मार्केट को ऑब्जर्व करना है |

कुछ घंटे तक इंतजार करना है और मार्केट को देखते रहिएआपको अगले कुछ ही घंटे बाद पता लगेगा की मार्केट कितना ऊपर जाकर वापस नीचे आने लग गया इसके बाद आपको कुछ घंटे का और इंतजार करना है फिर आपको दिखाई देगा की मार्केट एक ऐसी जगह से वापस ऊपर जाना शुरू कर गया है |

अब आपको जहां से मार्केट नीचे आया उसे लेवल पर Horizontal Line होरिजेंटल लाइन खींच लेनी है और जिस लेवल से मार्केट नीचे से ऊपर गया वहां पर एक Horizontal Line होरिजेंटल लाइन खींच लेनी है अब आपका नीचे वाला लेवल डिमांड लेवल या सपोर्ट लेवल हो गया और जहां से मार्केट ऊपर से नीचे आई वह लेवल सप्लाई जॉन या फिर रेजिडेंस लेवल हो गया इस प्रकार से आप चलती हुई मार्केट में आसानी से सपोर्ट और रेजिडेंस को ड्रॉ कर सकते हैं |

Support and Resistance level kaise nikale on chart

Support and Resistance level indicator se kaise nikale

दोस्तों आपको ट्रेडिंग चार्ट से सपोर्ट और रेजिडेंस खुद से निकलने नहीं आता है तो मैं आपको यहां पर एक ऐसा इंडिकेटर बताने वाला हूं जिसकी मदद से आप आसानी से इंडियन स्टॉक मार्केट और फॉरेक्स स्टॉक मार्केट चार्ट में सपोर्ट और रेजिडेंसआसानी से निकाल पाएंगे |

अगर आप अपने ट्रेडिंगव्यू चार्ट के अंदर किसी भी स्टॉक का सपोर्ट और रेजिडेंस जानना चाहते हैं तो आपको ट्रेडिंगव्यू चार्ट में यह इंडिकेटर अप्लाई करना है और आपके सामने यहां पर आपके सपोर्ट और रेजिडेंस दोनों लगा कर आ जाएंगे |

  • सबसे पहले अपने लैपटॉप या कंप्यूटर मोबाइल फोन में Tradingview वेबसाइट को ओपन करें |
  • अब आप जिस भी स्टॉक में या शेयर में सपोर्ट और रेजिस्टेंस ऑटोमेटिक ड्रा करना चाहते हैं उसका चार्ट ओपन करें |
  • मैं यहां पर बैंक निफ्टी का चार्ट ले रहा हूं आप यहां पर किसी भी स्टॉक का चार्ट ले सकते हैं |
  • चार्ट में सबसे ऊपर इंडिकेटर बटन पर क्लिक करना है और Pivot Points Standard यह इंडिकेटर लगा लेना है |
  • यह इंडिकेटर आपके चार्ट में लगने के बाद ऑटोमेटिक से रेजिडेंस और सपोर्ट लाइन ड्रा कर देगा |
  • यह इंडिकेटर लगने के बाद आपको चार्ट पर बहुत सारी होरिजेंटल लाइन दिखाई देगी जिनके आगे R1, S1, R2, S2 यह लिखा होगा |
  • यहां पर आपको R1 का मतलब रेजिडेंस लाइन-1 है और S1 का मतलब स्पॉट लाइन -1 है और R2 का मतलब रेजिडेंस लाइन-2 है और S2 का मतलब स्पॉट लाइन -2 है |
  • अब आप यहां पर देख पाएंगे की मार्केट R1 और S1 के बीच में चल रही है R1 को मैंने रेजिडेंस मानेंगे और S1 को मैंने स्पॉट लाइन मानेंगे | 
  • इस प्रकार से आप अपने आप से बिना लाइन ड्रॉ किया स्टॉक के चार्ज में ऑटोमेटिक रेजिडेंस लाइन और सपोर्ट लाइन लगा सकते हैं |
support and resistance indicator on chart

आपको ट्रेडिंगव्यू की वेबसाइट पर किसी भी स्टॉक या इंडेक्स का चार्ट खोलकर उसमें यह इंडिकेटर लगाकर अगले कुछ दिनों तक प्रैक्टिस करनी है उसके बाद आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिलने लग जाएगी |

Support and Resistance level Ko Trade कैसे करें

दोस्तों आप मार्केट में सपोर्ट और रेजिडेंस लेवल को ट्रेड करना चाहते हैं तो यह बहुत ही आसान है बस इसके लिए आपको मार्केट का इंतजार करना है कि वह कब सपोर्ट लेवल पर आए जैसे ही मार्केट सपोर्ट लेवल पर आती है तब आपको वहां पर मार्केट में बाय करना है और जैसे ही मार्केट रेजिडेंट रेजिडेंस लेवल पर पहुंचती है उसे समय आपको मार्केट को सेल करना है |

दोस्तों अपने इस पोस्ट को पूरे ध्यानपूर्वक पढ़ा है तो आपको पता होगा मार्केट में सपोर्ट लेवल और रेजिडेंट लेवल कब तक बने रहते हैं और कब वह टूटते हैं इसलिए आपको पूरे ध्यान पूर्वक देखना है उसके बाद ही ट्रेड करना है कहीं ऐसा ना हो कि आप जैसे ही सपोर्ट लेवल पर ट्रेड बाय करें और मार्केट वहां पर सपोर्ट लेवल को तोड़ दे और आपका नुकसान हो जाए इसलिए ट्रेड लेने से पहले पूरी जानकारी लें और मार्केट को ऑब्जर्व करें जब सपोर्ट लेवल पर एक Bullish चार्ट पेटर्न बनता है तभी मार्केट में Buy करें |

Summary

उम्मीद करता हूं दोस्तों अपने इस पोस्ट को पूरा पढ़ा होगा और आप जान गए होंगे कि हम लाइव मार्केट में डिमांड जॉन और सप्लाई जॉन कैसे पता लगा सकते हैं डिमांड जॉन और सप्लाई जॉन को ही सपोर्ट लेवल और रेजिडेंस लेवल कहा जाता है |

आपको घबराने की जरूरत नहीं है दोस्तों आप सोच रहे होंगे कि मैं कैसे रेजिडेंस लेवल और स्मार्ट लेवल को मार्क करूंगा तो इसके लिए आपको कुछ समय लगेगा आप धीरे-धीरे समझने लग जाओगे लाइव मार्केट में प्रैक्टिस करते रहिए अपने एक या दो महीने के अंदर आपको आसानी से पता लगने लग जाएगा की मार्केट कहां से ऊपर जाने वाली है और कहां से नीचे आने वाली है |

दोस्तों इसी प्रकार की जानकारी जानने के लिए हमारेवेबसाइट पर आते रहिए आपको हर रोज कुछ नया सीखने को मिलेगाऔर आप एक दिन एक सक्सेसफुल ट्रेंड बन जाओगे धन्यवाद |

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Trader Krishan

नमस्कार मैं कृष्ण कुमार इस ब्लॉग का संस्थापक हूं मैं पैसे से Youtuber पर और Blogger हूं मुझे ट्रेडिंग करते हुए 3 साल हो गए हैं अभी तक मैंने मार्केट शेयर बाजार के बारे मे जितना सीखा है उसे मे Tradezonezero.com हिन्दी blog के माध्यम से आप के साथ बाटना चाहता हु। |

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